Thursday, 6 December 2018

माल्थस का जनसंख्या नियंत्रण(malthas ka jansankhya niyantran)

माल्थस का जनसंख्या नियंत्रण(malthas ka jansankhya niyantran)

malthas ka jansankhya niyantran
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अगर आप भी महान ब्रिटिश अर्थनीतिबिद थॉमस रोबर्ट माल्थस का जनसंख्या नियंत्रण(malthas ka jansankhya niyantran) theory जानना चाहते है तो आपके लिए ये लेख जरूर सहायक होगी। चलिए जानते है की उन्होंने इस सिद्धांत में क्या कहाँ है ?


थॉमस रोबर्ट माल्थस ने उनकी इस जनसंख्या theory को प्रकाशित किआ था उनकी ही एक अति महत्वपूर्ण पुस्तकAn Essay on the Principle ofPopulationमें, सं 1798 को।


थॉमस रोबर्ट माल्थस के अनुसार प्रकृति जिस तरह जनसंख्या को बढ़ावा देती है उसी तरह नियंत्रित भी करती है। यौन प्रबृति मानब का प्राकृतिक चरित्र है और इसी यौन प्रबृति के कारन मानब का जनम होता है और कालक्रम में ये जनसंख्या को बृद्धि करता है।


लकिन ये जो बृद्धि है उसको जीबित रहने के लिए खाद्य, बस्त्र और स्थान की जरूरत पड़ती है। माल्थस के अनुसार अचल समस्या का जनम एहि पर होती है। क्योकि जनसंख्या का जो बृद्धि होता है वो होता है ज्यामितिक क्रम में और जो जीबन जीने का साधन होता है वो बढ़ता है गणितीय क्रम में।

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अर्थात जनसंख्या कुछ तरह बढ़ता है  2 - 4 - 8 -16 - 32 इत्यादि।  और जीबन जीने का साधन कुछ इस तरह बढ़ता है 1 - 2 - 3 - 4 - 5 . ऐसा होने कारन एक समय ऐसा आता है की समाज के ज्यादातर लोग अपने दैनिक प्रयोजनो प्रचलित पद्धिति के माध्यम पूरा नहीं कर पाता।

  
इसी कारन समाज में गरीबी, भुकमंगी, इत्यादि जैसे समस्या बढ़ जाता है। लकिन क्या लोग बिना खाये पिए जिन्दा रह सकते है ? बिलकुल नहीं। हर इंसान अपने खाद्य, बस्त्र और स्थान की प्रयोजन को पूरा करने के लिए हर मुमकिन कोसिस करता है। लकिन जनसंख्या बहुत ज्यादा बढ़ने के कारन वो व्यक्ति समाज के प्रचलित नियमो का पालन करके अपने प्रयोजनों को पूरा नहीं कर पाता।

 
माल्थस ने कहा है इन्ही कारने के वजह से समाज में एक ऐसा समय आता है , जब समाज के ज्यादातर व्यक्ति अपने प्रयोजनो को पूरा के लिए एक दूसरे का शत्रु बन पढ़ता है। 


ऐसे समाज में हत्या, हिंसा इत्यादि घटनाये बहुत ज्यादा बढ़ जाता है, एक देश दूसरे देश को आक्रमण करता है। जिसने वजह से बहुत लोगो की मृत्यु होती है और इन मृत्युओं के कारण धीरे धीरे जनसंख्या फिरसे कम होने लगती है और धीरे धीरे एक स्वभाबिक अवस्था (पहले जैसे) पर लौट आता है।


माल्थस का पूरा सिद्धांत यही कहता है की जनसंख्या बृद्धि को आगर  मानब खुद नियंत्रित नहीं करेगा तो एक समय ऐसा आएगा की प्रकृति ही इसको खुद नियंत्रित करने लगेगा। चाहे वो यूद्ध या फिर हत्या जैसे घटनाओ से क्यों ना हो।